(जब चारों तरफ अंधेरा हो,
जब हालात हिम्मत तोड़ने लगें,
जब कोई रास्ता न दिखे,
तो क्या किया जाए?
आइए, इस पर सोचते हैं।)
कविता: "तू अकेला नहीं है"
तू सोचता है, मुश्किलें बस तुझ पर आई हैं,
रातें तन्हा तेरी ही जगाई हैं।
पर हर दर्द का एक सबक होता है,
हर अंधेरे के बाद सवेरा होता है।
जब तू रोया, तेरा रब भी जानता था,
तेरे सब्र को वह आज़मा रहा था।
हर गिरने के बाद उठना तेरा हक़ है,
हर मुश्किल के बाद राहत तेरा हक़ है।
तू हारा नहीं, बस आज़माया गया है,
सब्र रख, तेरा रब तेरे साथ खड़ा है।
जो सह लेता है, वह मजबूत हो जाता है,
जो टूटता नहीं, वह नया नूर पाता है।
तो मत सोच कि तू अकेला है,
अल्लाह हर सांस में तेरे पास है।
हर तकलीफ के पीछे कोई वजह है,
बस तू भरोसा रख, सब ठीक होगा।
आत्मविश्लेषण
क्या मैंने मुश्किल हालात में सब्र किया है?
क्या मैं अल्लाह पर भरोसा रखता हूँ कि हर परेशानी के पीछे कोई वजह होती है?
क्या मैंने मुश्किल समय को एक सीख के रूप में लिया?
सोचिए और लिखिए:
मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती क्या रही है?
मैंने उस मुश्किल से क्या सीखा?
अगर मैं दोबारा उस हालात में जाऊं, तो क्या अलग करूंगा?
नीचे दिए गए वाक्यों को पूरा करें:
जब मैं मुश्किल में होता हूँ, तो ______________ करता हूँ।
अल्लाह पर भरोसा रखने से मेरी ______________ बढ़ती है।
हर परेशानी के बाद ______________ आता है।
हर रात सोने से पहले सोचें:
- क्या मैंने आज की मुश्किल को सब्र से झेला?
- क्या मैंने हिम्मत न हारने की कोशिश की?
- क्या मैंने यह माना कि हर तकलीफ एक सीख है?

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